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Holi Shayari 2 Line | Holi Shayari For Love In Hindi | होली शायरी 2024

Holi Shayari 2 Line Hindi

Happy Holi 2 Line Shayari: मेरे प्यारे दोस्तों और उनकी प्यारी प्रेमिकाओं, आज हम इस पोस्ट में कुछ दिलचस्प और दिलचस्प फाडू, “होली शायरी 2 लाइनHoli Shayari 2 Line” देखेंगे।

Shayari Wallah उम्मीद करता हैं कि आप इसे पसंद करेंगे। तो चलिए होली शायरी 2 लाइन का नवीनतम संग्रह देखते हैं। आप जानते हैं कि आप इन शायरी को फेसबुक और इंस्टाग्राम पर अपने दोस्तों के साथ भी शेयर कर सकते हैं। और हां, कृपया नीचे कमेंट बॉक्स में अपने भावुक टिप्पणी दें

Holi Shayari 2 Line || Holi Love Shayari 2024

पिचकारी की धार, गुलाल की बौछार, अपनों का प्यार,

यही है यारों होली का त्यौहार।

डूबे है सभी मस्ती में आज

घूम रही है मस्तानो की टोली

भूल जाओ गीले शिकवे डुबो मस्ती में

आज हर जुबान यही गीत है बोली

रंग ले खुद को इन खूबसूरत रंगों में

आ गयी है फिर तुम्हे भिगोने ये होली

होली.. होली होती है दीवाली मत समझना,

हम तुम्हारे घर आये तो हमे मवाली मत समझना

जमाने के लिए आज होली है,

मुझे तो तेरी यादे रोज रंग देती है…!!

रंगो की बौछार नहीं, नज़रो की इनायत ही काफी है,

तुम सामने होते हो तो चेहरा यूँ ही गुलाल हो जाता है

Holi Shayari For Love In Hindi

दिल ने एक बार ओर हमारा कहना माना है,

इस होली पर फिर हमें उन्हें रंगने जाना है

होली के रंग मुझे रंग नहीं पाएंगे,

तेरा रंग उतरे तो कोई और रंग चढ़े..

उनके प्यारे से चेहरे पर रंग लगा देते,

वो पास होते तो हम भी होली मना लेते!

वो रंग-ऐ-गुलाल की शोखियाँ ख़त्म हुई,

चलो यारो फिर बेरंग दुनिया में लौट चले।

ज़माने के लिये तो कुछ दिन बाद होली है !

मगर मुझे तो रोज़ रंग देती है यादें तेरी !!

तेरी मोहब्बत का रंग,कुछ ऐसा है..की !

अब और कोई रंग..उस पर चढ़ता ही नहीं !!

दिल ने एक बार ओर हमारा कहना माना हैं !

इस होली पर फिर उन्हें रंगने जाना हैं !!

दूरियाँ दिल की मिटें, हर कहीं अनुराग हो !

न द्वेष हो, न राग हो, ऐसा यहाँ पर फाग हो !!

फागुन की मस्ती लायी है ये होली

भीगा है हर लहंगा, हर चोली..

तेरी चाहत का रंग चढ़ा है,

मुझ पर उतरे तो होली खेले।

तमन्ना तुम्हें रंग लगाने की नहीं है,

तमन्ना तुम्हारे रंग में रंग जाने की है।

इस बार होली के मजे कुछ खास नहीं है,

जिसे रंग लगाना था वो मेरे पास नहीं है।

तेरी मोहब्बत का रंग कुछ ऐसा है,

कि कोई और रंग मुझ पर चढ़ता ही नहीं है।

..हैप्पी होली मेरी जान..

2 Line Holi Shayari In Hindi

होली पर थोडा रंग मेरे लिए भी बचाकर रखना,

देर से ही सही पर मैं आऊंगा जरूर।

होली आने वाली है मेरी जान,

इस होली तुम मिलने तो आओगे ना।

होली आने वाली है मेरी जान,

तुम्हें सबसे पहले रंग मैं ही लगाऊंगा।

उनके प्यारे से चेहरे पर रंग लगा देते,

वो पास होते तो हम भी होली मना लेते।

ओए होली आने वाली है रंग तुम पसंद करोगे,

या जो भी मैं प्यार से लगाऊं वही चलेगा।

होली के रंग मुझे रंग नहीं पाएंगे,

तेरा रंग उतरे तो कोई और रंग चढ़े।

होली के रंग बिखरेंगे,संग पिया हम अब भीगेंगे,

होली में और भी रंग होगा, मेरा पिया जब मेरे संग होगा।

..हैप्पी होली मेरी जान..

होली के रंग मुझे रंग नहीं पाएंगे,

 तेरा रंग उतरे तो कोई और रंग चढ़े।

सिर्फ प्यार का नहीं इस बार,

ज़रा दुआओं का रंग भी लगाना।

ज़माने के लिये तो कुछ दिन बाद होली है,

मगर मुझे तो रोज़ रंग देती है यादें तेरी।

जुबां पे तेरा स्वाद, बदन पे तेरा रंग,

मैं तो पुरे साल तेरे नाम की होली खेलता हूँ..!!

होली आने वाली है अब हाल हमारा बुरा होगा,

और तुम्हें रंग लगाने का पता नहीं हमारा सपना कब पूरा होगा।

दिल ने एक बार और कहना माना है,

इस होली पर फिर हमें उन्हें रंगने जाना है।

होली में इस बात का मुझे हमेशा मलाल रहता है,

कि मेरे हाथ तेरे गाल के बीच कमबख्त गुलाल होता है।

मैं भी चाहता हूं रंग लगाना होली पर,

शर्त इतनी है रंग तेरे होटो का हो मेरे गालो के ऊपर।

भीगा के तुझे पानी में तेरे साथ भीग जाना है,

होकर रंगो से रंगीन आज अपने गालों से रंग तेरे गालो पे लगाना है।

..हैप्पी होली मेरी जान..

Happy Holi 2 Line Shayari in Hindi

पिछले साल मैंने खेली ऐसी होली,

और तभी से वो मेरी होली।

इक अरसे बाद वो मिला इस बार होली में,

उसने गले लगा के दिया प्यार होली में।

अब के होली पे लगा रंग उतरता ही नहीं,

किस ने इस बार हमें रंग लगाया हुआ है।

तेरे गालों पे जब गुलाल लगा,

ये जहाँ मुझ को लाल लाल लगा।

वो लाल रंग जो तूने लगाया था मेरे गालों पर,

मांग में सजा दिया होता तो और बात होती।

मुझको ही रंगना होगा अब तेरे रंग में,

होली है मैं कैसे ना मनाऊं तेरे संग में।

गुलाब से नहीं इस बार गुलाल से इज़हार करेंगे,

आना तुम भी होली पे हम तुम्हारा इंतज़ार करेंगे।

तेरे इश्क़ के झरने से मन को भिगाना है,

तेरे हर रंग से अबकी फागुन मनाना है।

रंगो की बौछार नहीं नज़रो की इनायत ही काफी है,

तुम सामने होते हो तो चेहरा यूँ ही गुलाल हो जाता है।

चेहरे को आज तक भी तेरा इंतजार है,

हमने गुलाल किसी को मलने नहीं दिया।

अपने होठों से तेरे होठों पर रंग चढ़ा दूँ,

जैसे तू कहे सनम वैसे वैसे रंग लगा हूँ।

भर जाएगी हमारी खुशियों की झोली,

जब साथ खेलेंगे हम प्रीत की होली।

दिलों को मिलाने का मौसम है, दरियाँ मिटाने का मौसम है,

होली का त्यौहार ही ऐसा है, रंगों में डूब जाने का मौसम है।

लगा लो अपने गालो पर सरसों का तेल,

शुरू होने वाला है होली के रंगों का खेल।

पुरानी होली का थोड़ा सा गुलाल रखा है,

तुम्हारा “इश्क़” मेने यूं संभाल रखा है।

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